दाधीच होकर के दाधीच का ( Poem )

दाधीच होकर के दाधीच का,आप सभी सम्मान करो | सभी दाधीच एक हमारेमत उसका नुकसान करो |चाहे दाधीच कोई भी होमत उसका अपमान करो | जो ग़रीब हो अपना दाधीचधन देके धनवान करोहो गरीब दाधीच की बेटीमिलकर कन्या दान करो | अगर दाधीच लड़े चुनावशत प्रति शत मतदान करोहो बीमार कोई भी दाधीचउसे रक्त का …

श्री दधिमती माता आरती ( Dadhimati Mata Aarti )

जय दधिमथी माता, मैया जय दधिमथी माता । सुख करणी दुःख हरणी ईश्वर अन्न दाता । ॐ जय दधिमथी माता । आदि शक्ति महारानी त्रिभुवन जग माता मैया ।प्रकट पाल लय करणी सुर नर मुनि ध्याता । ॐ जय दधिमथी माता । विष्णु पति है तिहारो शान्ति है माता मैया ।पिता अथर्व महर्षि दधिची मुनि …

श्री दधिमती मातेश्वरी का छंद ( Dadhimati Mata Ji Ka Chand )

छन्द गुन दधिमत का गाता, सकल की साय करो माता । गोठ एक मांगलोद माई ,बिराजे दधिमती महा माई । । जंगल में एक मन्दिर आसमानी उसी को जाने सब जनि । छात्र बिराजे सोहनो, चार भुजा गल माल । कानन कुंडल झील मिले , माता सिंह असवारे। । बाजे नोपत दिन राता, सकल की …

दधीचि की आरती ( Maharshi Dadhichi Ki Aarti )

ॐ जय जय ऋषि स्वामी , प्रभु जय जय ऋषि स्वामी ।पर उपकारी दाता , हो अन्तर यामी ।। ओउम् ।। नारायण की नाभी कमल से ब्रह्मा प्रकट हुए ।ब्रह्मापुत्र अथर्वा तिनसे आप भये ।। ओउम् ।। तिथि अष्टमी भादव सुदी में , आप जन्म लीना ।सनकादिक ब्रह्मादिक स्वास्ति पठन कीना ।। ओउम् ।। दधीचि …