कोई बोले दादा तेरा कोई बोले दादा मेरा ( Koi Bole Dada Tera )

कोई बोले दादा तेरा कोई बोले दादा मेरामैं तो कहू तू है उसका जो नाम रटता तेरा 1 अब जाती भरम मिटावो                           पोतों को गले लगावोजो सन्त भाव ना जाने                     उन्हें प्रेम की राह दिखावो अब सही समय आया है अब तो ना देर लगावो 2 तेरी ही कृपा से दादा                          भक्तों ने ज्योत जगाईघर घर… Continue reading कोई बोले दादा तेरा कोई बोले दादा मेरा ( Koi Bole Dada Tera )

कोरोना वैश्विक महामारी के दौरान जनसेवा, गोसेवा व आध्यात्मिक ऊर्जा बढ़ाने में अक्षय भक्त मंडल सेवा समिति रही अग्रणी

राजलदेसर,(कुंदन दाधीच)3 जून। कोरोना वैश्विक महामारी से निजात दिलवाने के लिए विश्व कल्याण के लिए अक्षय भक्त मंडल सेवा समिति परसनेऊ धाम के दादाजी के नाम से विख्यात हनुमंत भक्त संत श्रीअखाराम महाराज के दादा भक्तों ने जनसेवा, गोसेवा व आध्यात्मिक ऊर्जा बढाने में अग्रणीय रही है। दादा परिवार दिल्ली की ओर से गांधीनगर में जरूरतमंदों… Continue reading कोरोना वैश्विक महामारी के दौरान जनसेवा, गोसेवा व आध्यात्मिक ऊर्जा बढ़ाने में अक्षय भक्त मंडल सेवा समिति रही अग्रणी

दाधीच होकर के दाधीच का ( Poem )

दाधीच होकर के दाधीच का,आप सभी सम्मान करो | सभी दाधीच एक हमारेमत उसका नुकसान करो |चाहे दाधीच कोई भी होमत उसका अपमान करो | जो ग़रीब हो अपना दाधीचधन देके धनवान करोहो गरीब दाधीच की बेटीमिलकर कन्या दान करो | अगर दाधीच लड़े चुनावशत प्रति शत मतदान करोहो बीमार कोई भी दाधीचउसे रक्त का… Continue reading दाधीच होकर के दाधीच का ( Poem )

श्री दधिमती मातेश्वरी का छंद ( Dadhimati Mata Ji Ka Chand )

छन्द गुन दधिमत का गाता, सकल की साय करो माता ।गोठ एक मांगलोद माई ,बिराजे दधिमती महा माई । ।जंगल में एक मन्दिर आसमानी उसी को जाने सब जनि ।छात्र बिराजे सोहनो, चार भुजा गल माल ।कानन कुंडल झील मिले , माता सिंह असवारे। ।बाजे नोपत दिन राता, सकल की साय करो माता । छन्द… Continue reading श्री दधिमती मातेश्वरी का छंद ( Dadhimati Mata Ji Ka Chand )

श्री दादाजी अखाराम चालीसा

।।दोहा।। अक्षय तेरा कोष है, अक्षय तेरा नाम।अक्षय पलकें खोल दे, अक्षय दे वरदान। ।।चौपाई।। जय अक्षय हरजी सुत देवा। शीश नवायें, करते सेवा।।1।।जय मारुति सेवक सुखदायक। जय जय जय अंजनि सुत पायक।।2।।जय जय संत शिरोमणि दाता। जय जीवू बार्इ के भ्राता।।3।।जय हरजी सुत कीरति पावन। त्रिभुवन यश सब शोक नसावन।।4।।जय हनुमत चरणों के दासा।… Continue reading श्री दादाजी अखाराम चालीसा