श्री दधिमती मातेश्वरी का छंद ( Dadhimati Mata Ji Ka Chand )

छन्द गुन दधिमत का गाता, सकल की साय करो माता । गोठ एक मांगलोद माई ,बिराजे दधिमती महा माई । । जंगल में एक मन्दिर आसमानी उसी को जाने सब जनि । छात्र बिराजे सोहनो, चार भुजा गल माल । कानन कुंडल झील मिले , माता सिंह असवारे। । बाजे नोपत दिन राता, सकल की …

कोई बोले दादा तेरा कोई बोले दादा मेरा ( Koi Bole Dada Tera )

कोई बोले दादा तेरा कोई बोले दादा मेरा मैं तो कहू तू है उसका जो नाम रटता तेरा 1 अब जाती भरम मिटावो                            पोतों को गले लगावो जो सन्त भाव ना जाने                      उन्हें प्रेम की राह दिखावो अब सही समय आया है अब तो ना देर लगावो 2 तेरी ही कृपा से दादा …

दधीचि की आरती ( Maharshi Dadhichi Ki Aarti )

ॐ जय जय ऋषि स्वामी , प्रभु जय जय ऋषि स्वामी ।पर उपकारी दाता , हो अन्तर यामी ।। ओउम् ।। नारायण की नाभी कमल से ब्रह्मा प्रकट हुए ।ब्रह्मापुत्र अथर्वा तिनसे आप भये ।। ओउम् ।। तिथि अष्टमी भादव सुदी में , आप जन्म लीना ।सनकादिक ब्रह्मादिक स्वास्ति पठन कीना ।। ओउम् ।। दधीचि …

अखारामजी दादाजी की आरती ( Dadaji Aarti )

आरती हरजी नंदन की दधीचि कुल, गौरव संतन की ।।टेर।। गले में तुलसी की माला । चीमटा रत्न जड़ित बाला।भाल पर तिलक गंध आला।खड़ाऊँ चंदन, काटते फंदन, करें हम वन्दन,पितामह कष्ट निकन्दन की । दधीचि कुल गौरव संतन की ।।1।। रेशमी पीताम्बर सोहे। र्इंदु सम मुख मन्डल मोहे।कमल सम नेत्र धनुष भौहें।प्रभु का भजन, ध्यान …

श्री दादाजी अखाराम चालीसा

।।दोहा।। अक्षय तेरा कोष है, अक्षय तेरा नाम।अक्षय पलकें खोल दे, अक्षय दे वरदान। ।।चौपाई।। जय अक्षय हरजी सुत देवा। शीश नवायें, करते सेवा।।1।।जय मारुति सेवक सुखदायक। जय जय जय अंजनि सुत पायक।।2।।जय जय संत शिरोमणि दाता। जय जीवू बार्इ के भ्राता।।3।।जय हरजी सुत कीरति पावन। त्रिभुवन यश सब शोक नसावन।।4।।जय हनुमत चरणों के दासा। …