महर्षि पिप्पलाद और शनि देव ( Maharishi Piplad and Shani Dev )

श्मशान में जब महर्षि दधीचि के मांसपिंड का दाह संस्कार हो रहा था तो उनकी पत्नी अपने पति का वियोग सहन नहीं कर पायीं और पास में ही स्थित विशाल पीपल वृक्ष के कोटर में 3 वर्ष के बालक को रख स्वयम् चिता में बैठकर सती हो गयीं। इस प्रकार महर्षि दधीचि और उनकी पत्नी …

जय जय जनक सुनन्दिनि (Jai Jai Janak Sunandini )

जय जय जनक सुनन्दिनि, हरि वनन्दिनि हे । दुष्ट निकन्दिनि मात, जय जय विष्णु प्रिये ॥Jai Jai Janak Sunandini, Hari Vnandini.He Dust Nikndini maat, Jai Jai Vishnu Priye. सकल मनोरथ दोहिनी, जग सोहिनी हे । पशुपति मोहिनी मात, जय जय विष्णु प्रिये ॥Sakal Manorath Dohini, Jug Sohini He. Pashupati Mohini Maat, Jai Jai Vishnu Priye. …

श्री दधिमती माता आरती ( Dadhimati Mata Aarti )

जय दधिमथी माता, मैया जय दधिमथी माता । सुख करणी दुःख हरणी ईश्वर अन्न दाता । ॐ जय दधिमथी माता । आदि शक्ति महारानी त्रिभुवन जग माता मैया ।प्रकट पाल लय करणी सुर नर मुनि ध्याता । ॐ जय दधिमथी माता । विष्णु पति है तिहारो शान्ति है माता मैया ।पिता अथर्व महर्षि दधिची मुनि …

श्री दधिमती मातेश्वरी का छंद ( Dadhimati Mata Ji Ka Chand )

छन्द गुन दधिमत का गाता, सकल की साय करो माता । गोठ एक मांगलोद माई ,बिराजे दधिमती महा माई । । जंगल में एक मन्दिर आसमानी उसी को जाने सब जनि । छात्र बिराजे सोहनो, चार भुजा गल माल । कानन कुंडल झील मिले , माता सिंह असवारे। । बाजे नोपत दिन राता, सकल की …

कोई बोले दादा तेरा कोई बोले दादा मेरा ( Koi Bole Dada Tera )

कोई बोले दादा तेरा कोई बोले दादा मेरा मैं तो कहू तू है उसका जो नाम रटता तेरा 1 अब जाती भरम मिटावो                            पोतों को गले लगावो जो सन्त भाव ना जाने                      उन्हें प्रेम की राह दिखावो अब सही समय आया है अब तो ना देर लगावो 2 तेरी ही कृपा से दादा …

दधीचि की आरती ( Maharshi Dadhichi Ki Aarti )

ॐ जय जय ऋषि स्वामी , प्रभु जय जय ऋषि स्वामी ।पर उपकारी दाता , हो अन्तर यामी ।। ओउम् ।। नारायण की नाभी कमल से ब्रह्मा प्रकट हुए ।ब्रह्मापुत्र अथर्वा तिनसे आप भये ।। ओउम् ।। तिथि अष्टमी भादव सुदी में , आप जन्म लीना ।सनकादिक ब्रह्मादिक स्वास्ति पठन कीना ।। ओउम् ।। दधीचि …

अखारामजी दादाजी की आरती ( Dadaji Aarti )

आरती हरजी नंदन की दधीचि कुल, गौरव संतन की ।।टेर।। गले में तुलसी की माला । चीमटा रत्न जड़ित बाला।भाल पर तिलक गंध आला।खड़ाऊँ चंदन, काटते फंदन, करें हम वन्दन,पितामह कष्ट निकन्दन की । दधीचि कुल गौरव संतन की ।।1।। रेशमी पीताम्बर सोहे। र्इंदु सम मुख मन्डल मोहे।कमल सम नेत्र धनुष भौहें।प्रभु का भजन, ध्यान …

कोरोना वैश्विक महामारी के दौरान जनसेवा, गोसेवा व आध्यात्मिक ऊर्जा बढ़ाने में अक्षय भक्त मंडल सेवा समिति रही अग्रणी

राजलदेसर,(कुंदन दाधीच)3 जून। कोरोना वैश्विक महामारी से निजात दिलवाने के लिए विश्व कल्याण के लिए अक्षय भक्त मंडल सेवा समिति परसनेऊ धाम के दादाजी के नाम से विख्यात हनुमंत भक्त संत श्रीअखाराम महाराज के दादा भक्तों ने जनसेवा, गोसेवा व आध्यात्मिक ऊर्जा बढाने में अग्रणीय रही है। दादा परिवार दिल्ली की ओर से गांधीनगर में जरूरतमंदों …

श्री दादाजी अखाराम चालीसा ( Dada Chalisha )

।।दोहा।। अक्षय तेरा कोष है, अक्षय तेरा नाम।अक्षय पलकें खोल दे, अक्षय दे वरदान। ।।चौपाई।। जय अक्षय हरजी सुत देवा। शीश नवायें, करते सेवा।।1।।जय मारुति सेवक सुखदायक। जय जय जय अंजनि सुत पायक।।2।।जय जय संत शिरोमणि दाता। जय जीवू बार्इ के भ्राता।।3।।जय हरजी सुत कीरति पावन। त्रिभुवन यश सब शोक नसावन।।4।।जय हनुमत चरणों के दासा। …